8th Pay Commission News:सरकारी सेवा में वर्षों तक योगदान देने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए हाल की घोषणाएं राहत भरी साबित हुई हैं। Himachal Pradesh की सरकार ने वेतन, भत्तों और लंबित एरियर भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन फैसलों का असर लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। खासतौर पर 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनर्स के लिए यह खबर आर्थिक सुरक्षा का संदेश लेकर आई है।
बकाया भुगतान को लेकर सरकार की योजना
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने विधानसभा में बताया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े लगभग 8,555 करोड़ रुपये के बकाया का भुगतान आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के बाद चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। यह राशि संशोधित वेतन और भत्तों से संबंधित है, जो पिछले कई वर्षों से लंबित थी। सरकार का कहना है कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र से मिलने वाली सहायता का उपयोग इन देनदारियों को चुकाने में किया जाएगा। इससे लगभग 1.87 लाख कर्मचारी और 1.78 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।
70 वर्ष से अधिक आयु वालों को प्राथमिकता
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स को प्राथमिकता दी जाएगी। इस वर्ग के बकाया का भुगतान चालू वित्त वर्ष में ही किया जाएगा। अनुमान है कि इस श्रेणी में आने वाले पेंशनर्स को लगभग 90 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे। वृद्धावस्था में नियमित आय और बकाया भुगतान बड़ी राहत देता है, इसलिए यह निर्णय मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब तक कितना हुआ भुगतान
सरकार ने यह भी बताया कि पूर्व अवधि में वेतन और पेंशन संशोधन लागू तो हुआ, लेकिन पूरा भुगतान नहीं हो सका था। वर्तमान सरकार अब तक 2,155 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। 75 वर्ष से अधिक आयु वालों का बकाया चुकाया जा चुका है। 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को आंशिक भुगतान मिल चुका है, जबकि अन्य श्रेणियों में भी चरणबद्ध तरीके से राशि जारी की जा रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एरियर का एक हिस्सा दिया गया है और वेतन एरियर के रूप में भी निर्धारित राशि का वितरण किया गया है।
तबादला नीति में संभावित बदलाव
सदन में तबादला नीति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि वर्तमान नीति में सुधार किया जाएगा और नई, अधिक पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाना है।
राज्य सरकार के इन फैसलों से स्पष्ट है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी जा रही है। बकाया भुगतान और आयु वर्ग के अनुसार प्राथमिकता तय करना एक सकारात्मक कदम है, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वेतन आयोग, एरियर भुगतान और अन्य वित्तीय निर्णयों से संबंधित अंतिम जानकारी आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं के अनुसार ही मान्य होगी। सटीक विवरण के लिए संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।








