Petrol Diesel Price Today 2026:फरवरी 2026 के अंतिम हफ्ते में देशभर के वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब घटौती कर दी गई है। पिछले कई महीनों से ईंधन की ऊँची कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही थीं, लेकिन अब पेट्रोल करीब दो से चार रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग तीन से पांच रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो गया है। इस कटौती से रोजाना अपने वाहन चलाने वाले लोगों के महीने के खर्च में अच्छी बचत हो सकती है, खासकर वह लोग जो प्रतिदिन काम या यात्रा के लिए वाहन का उपयोग करते हैं।
कटौती के पीछे क्या कारण है
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आई इस कमी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। भारत अपनी अधिकतर कच्ची तेल की आवश्यकता बाहर के देशों से आयात करता है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी देखने को मिली है, जिससे घरेलू बाजार में भी ईंधन सस्ता हुआ है। इसके अलावा डॉलर की तुलना में रुपये की स्थिति में भी कुछ सुधार हुआ है, जिससे आयात लागत कम हुई है। भारत की प्रमुख तेल कंपनियाँ घरेलू रिटेल कीमतें इन कारकों के आधार पर तय करती हैं।
प्रमुख शहरों में नई ईंधन दरें
नई कटौती के बाद बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की ताज़ा कीमतें भी सामने आई हैं। दिल्ली में पेट्रोल लगभग ₹94.50 प्रति लीटर और डीजल लगभग ₹87.40 प्रति लीटर है। इसी तरह मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹103.10 और डीजल ₹95.60 प्रति लीटर के आस-पास है, जबकि कोलकाता और चेन्नई में भी पेट्रोल और डीजल की दरों में कमी देखी गई है। इन शहरों में कीमतें राज्य द्वारा लगाए जाने वाले वैट (कर) के आधार पर अलग-अलग होती हैं, इसलिए एक ही देश में ईंधन की अंतिम कीमत विभिन्न राज्यों में भिन्न रहती है।
किसे मिलेगा सबसे अधिक फायदा
पेट्रोल और विशेषकर डीजल की कीमतों में कमी से सबसे अधिक लाभ ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मिलेगा। मालवाहक वाहन, ट्रक, बसें और डिलीवरी वाहन चलाने वाले व्यक्ति ईंधन की कम कीमत की वजह से अपने व्यय में कटौती कर सकेंगे। इससे किराने का सामान, फल-सब्ज़ियाँ और अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। किसानों को भी राहत मिलेगी, खासकर वे किसान जो सिंचाई, पंप सेट तथा अन्य कृषि कार्यों के लिए डीजल का उपयोग करते हैं।
महंगाई पर असर
ईंधन की कीमतों में कमी का प्रभाव महंगाई पर धीरे-धीरे दिखाई देता है। ईंधन की सस्ती दर से परिवहन लागत घटने पर वस्तुओं की कुल कीमत में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, लेकिन यह प्रभाव बाजार में तुरंत नहीं दिखता। अगर यह रियायत लंबे समय तक बनी रहती है, तो रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
आगे क्या उम्मीद रखें
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं या कम रहती हैं, तो भविष्य में ईंधन की कीमतों में और कमी आने की संभावना हो सकती है। हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और विदेशी मुद्रा की दरों के बदलते रुझान के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव होते रह सकते हैं।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना बदलती रहती हैं और राज्य-सरकार तथा तेल कंपनियों के निर्णय के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। सटीक और ताज़ा दरों के लिए संबंधित पेट्रोल पंप या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी अवश्य लें।






