Forecast Update:देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले 24 से 72 घंटों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठे ‘मोंथा’ नामक चक्रवात और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से कई राज्यों में तेज बदलाव देखने को मिलेगा। इस दोहरे असर के कारण भारी बारिश, तेज बर्फीली हवाएं, ओलावृष्टि और पहाड़ी क्षेत्रों में जोरदार बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
दो सिस्टम का संयुक्त असर
मौसम विभाग के अनुसार समुद्री क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती तंत्र और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ एक साथ प्रभाव डाल रहे हैं। इसके चलते उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जा सकती है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी बढ़ने की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
किन राज्यों में ज्यादा असर
मौसम विभाग ने कुल 21 राज्यों में अलर्ट जारी किया है। इनमें उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्य, साथ ही पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्से शामिल हैं। कई स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है, जिससे फसलों और खुले में रखी वस्तुओं को नुकसान हो सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी संभावना जताई गई है।
खेती और आम जनजीवन पर प्रभाव
इस समय रबी फसलें जैसे गेहूं और सरसों कटाई के करीब हैं। अचानक हुई बारिश और ओलों से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने से फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा तापमान में गिरावट से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। शहरों में यातायात प्रभावित हो सकता है और कुछ इलाकों में स्कूल या दफ्तरों की गतिविधियां भी बाधित हो सकती हैं।
सावधानी और तैयारी जरूरी
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें। अनावश्यक यात्रा से बचें और तेज हवाओं या बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। किसानों को अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए, जैसे खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी और कटाई में तेजी।
आने वाले तीन दिनों तक मौसम का यह असर बना रह सकता है। ऐसे में सतर्क रहना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। अचानक मौसम बदलाव से बचाव के लिए तैयारी ही सबसे बड़ा उपाय है।
अस्वीकरण: यह लेख मौसम विभाग के वर्तमान अनुमान और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय-समय पर बदल सकती है। सटीक और ताजा जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक बुलेटिन अवश्य देखें।






