Reserve Bank of India (RBI) ने 2025 में ₹10, ₹20, ₹100 और ₹500 के नोटों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। ये नोट भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक उपयोग होने वाले मुद्रा नोट हैं, इसलिए इनके नियमों में बदलाव का असर आम जनता, व्यापारियों और बैंकों पर सीधे पड़ता है। नई गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य नोटों की सुरक्षा बढ़ाना, नकली नोटों को रोकना और फटे-पुराने नोटों को समय पर चलन से हटाना है। इसके साथ ही मुद्रा प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है।
पुराने नोट पूरी तरह वैध
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह नोटबंदी से संबंधित नहीं है। सभी पुराने नोट पूरी तरह से वैध रहेंगे और किसी भी मूल्यवर्ग के नोट को बंद या वापस नहीं लिया गया है। विशेष रूप से 2016 के बाद जारी ₹500 के नोट भी पूरी तरह मान्य हैं। सोशल मीडिया पर अफवाहों से सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि कभी-कभी गलत सूचना फैलती रहती है।
फटे और गंदे नोट बदलवाना आसान
नई गाइडलाइंस के अनुसार अब बैंक पुराने, फटे या गंदे नोटों को आसानी से बदलने की सुविधा देंगे। ग्राहकों को बिना किसी परेशानी के साफ नोट प्राप्त होंगे। नोट बदलने के लिए आवश्यक है कि सीरियल नंबर, वॉटरमार्क और सुरक्षा धागा स्पष्ट हो। यदि नोट अत्यधिक खराब हो, तो बैंक उसे RBI को भेजेगा और वहां जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा। यह व्यवस्था ग्राहकों के लिए सुविधा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करती है।
नकली नोटों पर कड़ी निगरानी
RBI ने नकली नोटों की समस्या को देखते हुए बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे उन्नत नोट जांच मशीनों का उपयोग करें। खासकर ₹100 और ₹500 के नोटों की मशीन आधारित जांच अनिवार्य कर दी गई है। संदिग्ध नोट मिलने पर उसकी तुरंत जांच की जाएगी और यदि नकली पाया गया तो RBI और पुलिस को इसकी सूचना दी जाएगी। इससे लोगों का भरोसा मजबूत होगा और नकली नोटों की संख्या कम होगी।
नोटों की मशीन से छंटाई और लिखावट पर रोक
अब बैंक अपने कैश काउंटर पर नोटों की मशीन से छंटाई करेंगे। केवल साफ और उपयोग योग्य नोट ही दोबारा बाजार में भेजे जाएंगे। कटे-फटे या गंदे नोट को RBI को भेजकर नष्ट किया जाएगा। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे नोटों पर किसी भी प्रकार की लिखावट न करें, क्योंकि इससे नोट जल्दी खराब होते हैं और मशीनों में ठीक से नहीं पढ़े जाते।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
इन गाइडलाइंस का एक उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना भी है। छोटे लेन-देन के लिए UPI और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे नकद नोटों पर दबाव कम होगा, नकली नोटों की समस्या घटेगी और आर्थिक लेन-देन अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेंगे।
RBI की नई गाइडलाइंस से बैंकिंग प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी। फटे और गंदे नोट बदलवाने की सुविधा, नकली नोटों पर नियंत्रण और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने से मुद्रा प्रबंधन मजबूत होगा और आम लोग तथा व्यापारी सीधे लाभान्वित होंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मुद्रा से संबंधित किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया Reserve Bank of India की आधिकारिक वेबसाइट या अपने नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क करें।








