Aaj Ka Sarso Ka Bhav:दिसंबर 2026 में सरसों के दामों में अच्छी हलचल देखने को मिल रही है। कई राज्यों की प्रमुख मंडियों में 20 से 50 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़त दर्ज की गई है। इससे किसानों के चेहरे पर संतोष नजर आ रहा है, क्योंकि मजबूत भाव का सीधा असर उनकी आय पर पड़ता है। बाजार में इस समय मांग बेहतर बनी हुई है और तेल मिलों की सक्रिय खरीद से कीमतों को सहारा मिल रहा है।
दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र की स्थिति
राजधानी Delhi की मंडी में सरसों का भाव लगभग 7125 से 7150 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। यहां अच्छी गुणवत्ता वाली सरसों में तेजी देखी गई। हरियाणा के चरखी दादरी में कीमतें 7200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचीं, जो किसानों के लिए उत्साहजनक संकेत है। निवाई मंडी में भी सरसों लगभग 6900 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। इन क्षेत्रों में तेल और खल के दाम भी स्थिर से मजबूत रहे, जिससे बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है।
राजस्थान की मंडियों में मजबूती
सरसों उत्पादन के लिए प्रसिद्ध Rajasthan की मंडियों में इस समय अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। टोंक में सरसों का भाव करीब 6850 रुपये रहा, जबकि गंगापुर सिटी में यह लगभग 6950 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा। कोटा मंडी में दाम 7900 रुपये से ऊपर दर्ज किए गए, जिसने किसानों को खासा उत्साहित किया। जोधपुर और सुमेरपुर में भी कीमतों में उछाल देखने को मिला। कुल मिलाकर राज्य की अधिकांश मंडियों में भाव मजबूत बने हुए हैं।
उत्तर भारत के अन्य बाजार
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की कुछ मंडियों में भी सरसों की मांग अच्छी रही। हापुड़ में जीएसटी पेड सरसों लगभग 7300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंची। देवास और मंदसौर में दाम 5800 से 6800 रुपये के बीच रहे। जयपुर मंडी में 7275 से 7300 रुपये का स्तर देखने को मिला। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अलग-अलग क्षेत्रों में गुणवत्ता और मांग के आधार पर भावों में अंतर है।
तेल और खल के ताज़ा रेट
सरसों तेल की मांग बढ़ने से कच्ची घानी तेल के दाम 1560 से 1580 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे। एक्सपेलर तेल 1440 से 1480 रुपये के बीच बिका। खल के दाम भी 2750 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए। तेल मिलों की सक्रियता से सरसों बाजार को मजबूती मिल रही है।
एमएसपी और सरकारी सहयोग
सरकार ने इस वर्ष सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5950 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खरीद की सुविधा मिलती है। भुगतान सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
कुल मिलाकर सरसों बाजार में इस समय सकारात्मक माहौल है। यदि मांग इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में कीमतों में और सुधार संभव है। किसानों को सलाह है कि वे मंडी के ताजा भाव की जानकारी लेकर ही बिक्री का निर्णय लें।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सरसों के दाम गुणवत्ता, स्थान और बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। सटीक और ताजा जानकारी के लिए संबंधित मंडी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।








