Electric Scooter Subsidy:देश में बढ़ते प्रदूषण और पेट्रोल की ऊंची कीमतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में सरकार ने महिलाओं के लिए विशेष सब्सिडी योजना शुरू की है। इलेक्ट्रिक स्कूटर सब्सिडी 2025 के तहत पात्र महिलाओं को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर कुल ₹46,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
यह योजना 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए है। वाहन का पंजीकरण महिला के नाम पर होना अनिवार्य है। कुछ राज्यों में बीपीएल या निम्न आय वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। छात्राएं, नौकरी की तलाश में युवा महिलाएं और स्वरोजगार करने वाली महिलाएं भी पात्र हो सकती हैं। यह लाभ केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीदे गए इलेक्ट्रिक स्कूटर पर लागू होता है।
सब्सिडी कैसे मिलेगी
सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल रखी गई है। महिला खरीदार को अधिकृत डीलर से अपनी पसंद का इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनना होगा। आधार कार्ड, पहचान पत्र और बैंक विवरण जमा करने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। अधिकतर मामलों में सब्सिडी राशि वाहन की कीमत से तुरंत घटा दी जाती है। कुछ राज्यों में यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है। पंजीकरण महिला के नाम पर होना जरूरी है, तभी छूट मान्य होगी।
किन राज्यों में मिल रहा लाभ
कई राज्यों ने अपनी-अपनी ईवी नीति के तहत महिलाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया है। Delhi, Gujarat, Maharashtra, Karnataka, Tamil Nadu और Telangana जैसे राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेष सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा केंद्र सरकार की FAME India Scheme के तहत भी प्रोत्साहन उपलब्ध है, जिससे कुल लाभ ₹46,000 तक पहुंच सकता है।
कीमत में कितना फर्क पड़ेगा
मान लीजिए किसी इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत ₹1,10,000 है। अगर राज्य और केंद्र दोनों की सब्सिडी मिलती है, तो कुल ₹46,000 की छूट के बाद वाहन लगभग ₹64,000 में मिल सकता है। इसके अलावा ईंधन खर्च न होने से लंबे समय में अतिरिक्त बचत होती है। रखरखाव भी पेट्रोल स्कूटर की तुलना में कम होता है।
योजना का महत्व
यह योजना महिलाओं की गतिशीलता बढ़ाने में सहायक है। सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलने से रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय के अवसर बढ़ते हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक सकारात्मक कदम है।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सब्सिडी की राशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया राज्य सरकार की नीति और समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं पर निर्भर करती है। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के परिवहन विभाग या अधिकृत डीलर से आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।








