RBI 500 Note Guidelines:देश की मौद्रिक व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए Reserve Bank of India ने ₹500 के नोटों से जुड़े नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये नियम 28 नवंबर 2025 से लागू किए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य नकली नोटों पर रोक लगाना, संदिग्ध नकद लेनदेन को कम करना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है। नए प्रावधान नागरिकों, व्यापारियों और बैंकिंग संस्थानों सभी पर लागू होंगे।
नकद लेनदेन की सीमा तय
नए नियमों के अनुसार अब ₹500 के नोटों का उपयोग करते हुए एक बार में अधिकतम 10,000 रुपये तक ही नकद भुगतान किया जा सकेगा। यदि इससे अधिक राशि का लेनदेन करना है तो उसे डिजिटल माध्यम से करना अनिवार्य होगा। इस कदम का मकसद बड़े नकद सौदों में पारदर्शिता लाना है ताकि धनशोधन और काले धन की गतिविधियों पर रोक लग सके। साथ ही नकली नोटों के इस्तेमाल की संभावना भी कम होगी। यदि कोई व्यक्ति तय सीमा से अधिक नकद भुगतान करता है और जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बैंक में जमा के लिए पहचान जरूरी
रिज़र्व बैंक ने ₹500 के नोटों को बड़ी मात्रा में बैंक में जमा करने के लिए पहचान प्रक्रिया को सख्त कर दिया है। अब आधार कार्ड या पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से हर जमा लेनदेन का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार होगा और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान आसान हो जाएगी। इससे कोई भी व्यक्ति गुमनाम रूप से बड़ी रकम जमा नहीं कर पाएगा और बैंकिंग प्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
इन नियमों के पीछे एक बड़ा उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना भी है। जब नकद भुगतान पर सीमा और पहचान की अनिवार्यता लागू होगी तो लोग स्वाभाविक रूप से डिजिटल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। डिजिटल भुगतान से हर लेनदेन का सुरक्षित रिकॉर्ड बनता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है। साथ ही चोरी, गुम होने या नकली नोट मिलने का जोखिम भी कम हो जाता है। यूपीआई, नेट बैंकिंग और कार्ड भुगतान जैसे विकल्पों को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
₹500 के नोट में नए सुरक्षा फीचर
नकली नोटों की समस्या को देखते हुए ₹500 के नोट में आधुनिक सुरक्षा विशेषताएं जोड़ी गई हैं। इन नोटों में उन्नत सिक्योरिटी थ्रेड, स्पष्ट माइक्रोप्रिंटिंग, बेहतर होलोग्राफिक डिजाइन और छेड़छाड़-रोधी जलचिह्न तकनीक शामिल की गई है। इन सुविधाओं से असली और नकली नोट की पहचान करना आसान होगा। बैंक कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक इन विशेषताओं की मदद से नोट की सत्यता जांच सकेंगे।
पुराने नोटों के संबंध में जरूरी जानकारी
यदि किसी व्यक्ति के पास पुराने सुरक्षा फीचर वाले ₹500 के नोट हैं, तो उन्हें जल्द बैंक में जमा करना चाहिए। जमा करते समय वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना जरूरी होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद ऐसे पुराने नोट लेनदेन में स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लें।
नागरिकों के लिए सावधानियां
नए नियमों के अनुसार बड़े लेनदेन डिजिटल माध्यम से करना बेहतर रहेगा। नकद भुगतान करते समय निर्धारित सीमा का पालन करना चाहिए। बैंक में नोट जमा करते समय सही दस्तावेज साथ रखें। यदि कोई संदिग्ध नोट मिले तो उसे चलाने की कोशिश न करें और तुरंत बैंक या पुलिस को सूचित करें। इन निर्देशों का उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं बल्कि वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित बनाना है।
₹500 के नोट से जुड़े नए दिशा-निर्देश देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नकद लेनदेन की सीमा, पहचान पत्र की अनिवार्यता और उन्नत सुरक्षा फीचर जैसे उपाय नकली नोटों और अवैध लेनदेन पर नियंत्रण में मदद करेंगे। नागरिकों को चाहिए कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षित डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दें।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि या वित्तीय निर्णय के लिए कृपया Reserve Bank of India की आधिकारिक वेबसाइट या अपने निकटतम बैंक शाखा से संपर्क अवश्य करें।








