Toll Tax New Rule 2026देशभर में सरकारी कामकाज को और अधिक सुचारू बनाने के उद्देश्य से सरकार ने वीवीआईपी वाहनों के लिए टोल टैक्स में बड़ा बदलाव किया है। परिवहन विभाग ने दिसंबर 2026 में एक नया नियम जारी करते हुए वीवीआईपी श्रेणी के सरकारी वाहनों को टोल प्लाजा पर टोल टैक्स से पूरी तरह छूट देने की घोषणा की है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे अब इन वाहनों को टोल बूथ पर रुककर शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी।
वीवीआईपी वाहनों को मिली टोल टैक्स से राहत
नई गाइडलाइन के अनुसार सांसद, विधायक, मंत्री, न्यायाधीश सहित कई अन्य उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों के सरकारी वाहनों को टोल टैक्स से पूरी छूट दी गई है। इन वाहनों पर विशेष प्रकार का एक्ज़ेम्प्टेड FASTag लगाया जाएगा, जिसके चलते वे बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। इस सुविधा के लिए एनएचएआई के विशेष एक्ज़ेम्प्शन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के वाहन को यह छूट नहीं मिलेगी और उन्हें टोल टैक्स अदा करना होगा।
रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता और समय सीमा
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि सभी पात्र वीवीआईपी वाहन मालिकों को तीन महीने के भीतर एनएचएआई पोर्टल पर अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बिना वाहन स्वचालित रूप से टोल टैक्स छूट का लाभ नहीं उठा पाएगा। यह निर्देश समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के लिए जारी किया गया है ताकि कोई असुविधा न हो।
टोल प्लाजा पर रुकावटें खत्म करने का प्रयास
पहले वीवीआईपी वाहनों को टोल बूथ पर रुकना पड़ता था, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या होती थी और अधिकारियों के समय पर पहुंचने में देरी होती थी। नए नियम से यह समस्या दूर होगी। अब वीवीआईपी वाहन बिना रुके टोल पार कर सकेंगे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनेगी, सुरक्षा भी बेहतर होगी और सरकारी कार्यक्रमों में अधिकारी समय से पहुंच सकेंगे। इस व्यवस्था से न केवल वीवीआईपी मूवमेंट तेज होगा, बल्कि टोल प्लाजा पर भीड़ कम होने से सामान्य यातायात को भी लाभ होगा।
एक्ज़ेम्प्टेड FASTag कैसे मिलेगा?
वीवीआईपी वाहन मालिकों को एनएचएआई के Exemption FASTag Portal पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन में वाहन की जानकारी, सरकारी प्रमाणपत्र और संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र अपलोड करना आवश्यक होगा। सत्यापन के बाद विशेष FASTag जारी किया जाएगा, जो टोल बूथ पर वाहन की पहचान कर स्वचालित रूप से मुफ्त एंट्री प्रदान करेगा। यह FASTag केवल सरकारी वीवीआईपी वाहनों पर ही मान्य होगा और निजी वाहनों के लिए लागू नहीं है।
किन वाहनों को मिलेगी छूट?
सरकार ने स्पष्ट रूप से बताया है कि सर्वोच्च संवैधानिक पदों जैसे मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा सभापति, विपक्ष के नेता, सांसद, विधायक, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, राज्य सरकार के मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जैसे श्रेणियों के सरकारी वाहनों को टोल टैक्स से पूरी छूट मिलेगी। इन सभी वाहनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर शुल्क माफ रहेगा।
वर्तमान स्थिति और प्रभाव
बिहार समेत कई राज्यों में पहले से ही कई वीआईपी वाहन इस सिस्टम के तहत पंजीकृत हो चुके हैं और बिना रुके टोल पार कर रहे हैं। अब केंद्र सरकार के नए निर्देशों के बाद शेष पात्र व्यक्तियों को भी जल्द से जल्द पंजीकरण कराना होगा। यह कदम वीवीआईपी मूवमेंट को तेजी से और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ यातायात की व्यवस्था में भी सुधार लाएगा।
बदलाव की जरूरत और लाभ
सरकार का मानना है कि वीवीआईपी वाहनों को भीड़-भाड़ वाले टोल प्लाजा पर रोकना उचित नहीं है। इससे सुरक्षा जोखिम बढ़ता है और अधिकारियों को अपने जरूरी कार्यक्रमों में समय पर पहुंचने में बाधा आती है। नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर लगी कतारें कम होंगी और ट्रैफिक प्रवाह बेहतर होगा। इससे सामान्य यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा क्योंकि टोल बूथ पर भीड़ कम होने से उनका समय भी बचेगा।
टोल टैक्स में वीवीआईपी वाहनों को छूट देने का यह नया नियम सरकारी कार्यों की गति को बढ़ाने और हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पात्र वाहनों के मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर एनएचएआई पोर्टल पर पंजीकरण कराकर इस सुविधा का लाभ अवश्य उठाएं। इससे न केवल उनका समय बचेगा, बल्कि पूरे यातायात तंत्र को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। टोल टैक्स नियमों और नीतियों में समय-समय पर बदलाव संभव हैं। इसलिए आधिकारिक और नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित सरकारी विभाग या एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट का संदर्भ लेना आवश्यक है।








